Wednesday, July 30, 2025

गर्भ न ठहरना /फिरना REPEAT BREEDING

 गर्भ न ठहरना /फिरना

  • पशु अगर तीन बार या उससे अधिक बार फिर जाता है / गर्भ नही ठहरता है तो नजदीकी पशु चिकित्सक को बुलाकर पशु की बच्चेदानी की सफाई करा ले| उसके बाद पशु को पेट के कीड़ो की दवाई दे| उसके बाद पशु को अच्छी गुणवत्ता वाला खनिज मिश्रण देवे| कुछ अच्छी गुणवत्ता के खनिज मिश्रण निम्न है -
MINFA GOLD
AGRIMIN SUPER
BOVIMIN B ULTRA 
BIOBION GOLD
CRS CHELATED
MICROVIT GOLD
REPRO PLUS GOLD

  • पशु की सफाई करवाने के बाद जब पशु 21 दिन बाद हीट में आता है तो उसे गाभिन करवा दे |

जेर गिराने की दवाई TREATMENT FOR RETENTION OF PLACENTA

जेर गिराने की दवाई

  • पशु ब्याने के 6 घंटे के अन्दर अगर जेर नही डालता है तो उसे UTRIVIVE या EXAPAR या INVOLON या  URATECH या PROSHE  में से कोई एक टॉनिक 200 ML की मात्रा में पशु को हर 2 घंटे में पिलाते रहे|
(अगर 24 घंटे के अन्दर जेर नही डालता है तो नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करे)

नोट:- पशु की जेर 24 घंटे में अगर थोड़ी सी भी बाहर नही आई है तो कभी भी हाथ से जेर न निकलवाए | इससे बच्चेदानी ख़राब होने का खतरा बन जाता है|

गर्भाशय/ बच्चेदानी में मवाद (संकर्मण) UTERINE INFECTION

गर्भाशय/ बच्चेदानी में मवाद (संकर्मण)

  • बच्चेदानी से मवाद आने पर पशु को EXAPAR या PRO SHE या UTRIVIVE या INVOLONE या ERGOVET में से कोई भी एक टॉनिक एक लीटर लाकर 100-100 ML सुबह शाम पिलाये|
(समस्या ज्यादा हो तो पशु चिकित्सक को बुलाकर बच्चेदानी की सफाई करवा ले)

फूल / पाछा / शरीर दिखाना / PROLAPSE OF VAGINA / PROLAPSE OF UTERUS

 फूल / पाछा / शरीर दिखाना / PROLAPSE OF VAGINA / PROLAPSE OF UTERUS

Tuesday, July 29, 2025

हाफना PANTING

 हाफना

  • ENERDYNA या HIMSHAKTI या ORT LRG में से कोई एक 100-200 ml 5-10 दिन तक पशु को पिलाने से पशु हाफना बंद कर देता है |
  • गोंद कतीरा 250 ग्राम 5-6 लीटर पानी में भिगोकर 4-5 दिन तक पशु को खिलने से पशु हफ्ना बंद कर देता है|
  • गोखरू की पत्तियों को पानी में डालकर पशु हाफना बंद कर देगा|

कब्ज CONSTIPATION

 कब्ज

  • IMPACDON पाउडर 200g बड़े पशु को पानी या गुड के साथ देने से पशु का पेट बंद खुल जाता है|

  • SMYLAX या LAXABULK या SORBIVET या KOL L 2X 450ml बड़े पशु को को 2-3 घंटे के अन्तराल पर पिला दे|

  • लिक्विड पैराफिन 200-200ml 3-4घंटे के अन्तराल पर पिलाने से कब्ज की समस्या ये निजात मिलती है|

  • 1-2 माह के बछड़ो को 100-150 g  खांड गरम पानी के साथ पिलाने से कब्ज ख़त्म हो जाता है|

  • सामग्री- काला जीरी 200 ग्राम, हींग 50 ग्राम

    विधि- काला जीरी व हींग को कूटकर गुड के साथ पशु को दे| कब्ज ख़त्म हो जायेगा|

  • सामग्री- अरंडी को तेल 450 मिलीलीटर, चीनी 500ग्राम,दूध 700 मिलीलीटर

    विधि- दूध को गरम करके ठंडा कर ले| अब अरंडी के तेल व चीनी को दूध में मिलाकर पशु को नाल की सहायता से दे| कब्ज खुल जायेगा |

(अगर इस ईलाज को ईलाज नं, 1 के 4-5 घंटे बाद किया जाये तो ज्यादा सही रहेगा)

  • जिस चीज को खाने से पशु को कब्ज हुआ है उसकी 300 ग्राम राख को 100 ग्राम मीठे सोडे के मिलाकर पशु को खिला दे| इससे पशु को अवश्य आराम मिलेगा|
  • 250-300 ग्राम बाजरे की जड़ को पानी में उबालकर पानी को ठंडा करके छानकर पशु को पिला दे | पशु को कब्ज से राहत मिलेगी|

दस्त Diarrhea

 दस्त 

  • बड़े पशु को CFLOZ-TZ या  HALOTAS या N-TZ या ORIPRIM या PABADIN  इन में से कोई बोलस 2-2 सुबह शाम 2 दिन तक दे|

  • सामग्री- बलूल/कीकर की पतिया 50 ग्राम, अमरुद की पतिया 50 ग्राम, अनार की पतिया 50 ग्राम.

    विधि- पतियों को मिलाकर पोस ले व रोटी या चारे के साथ पशु दो दिन के दो बार खिलाये 4-5 दिन के पशु ठीक हो जायेगा| अगर पशु छोटा है तो खुराक कम कर दे|

  • सामग्री- मरोड़ा फली 1-5 किलो (बड़े पश के लिए), दही

    विधि- मरोड़ा फली को पीस ले व 60-70 ग्राम पाउडर को दही में मिलाकर पशु को दे| 3-4 किन में पहु ठीक हो जायेगा|

  • 2-3 लीटर पानी में निलगिरी/सफेदा पतियो पानी आधा रहने तक उबाले| फिर ठंडा करके पशु को पिला दे| 2 दिन सुबह शाम |

  • 50-100 ग्राम आम की गुठली को पीसकर दही में मिलाकर पशु को दे | 3-5 दिन सुबह शाम ऐसा करे| पशु ठीक हो जायेगा| (छोटे पशु के लिए खुराक कम कर दे)

  • 100 ग्राम जामुन की पतियों को रोटी या चारे की साथ पशु को खिलाये| दिन के 2 बार 4-5 दिन|

    पशु ठीक हो जायेगा| अगर पशु छोटा है तो खुराक थोडा कम कर दे|

पेट के कीड़े Endoparasites Deworming

 पेट के कीड़ो की दवाई

  • बड़े पशु को FENTAS या HITEK BOLUS देवे|
  • छोटे पशु को PIPERAZINE (1ml प्रति तीन किलो शारीरिक भार अनुसार) पिलाये |
  • मध्यम भार वाले पशु को FENTAS 1.5g बोलस दे |
  • पेट के कीड़ो के इलाज के लिए आप 200 ग्राम चिरायता व 200 ग्राम पुदीना की पत्तियों को पीसकर मिला ले और रोजाना 50  ग्राम  पशु को  दे|
  • हिंग 50 ग्राम, काली मिर्च 50 ग्राम, राई 50 ग्राम, काला नमक 50 ग्राम - चारो को पीस कर मिले ले रोजाना इस मिश्रण की एक चमच लस्सी (छाछ/मट्ठा) में मिलाकर पशु को दो तीन दिन में एक बार दे| ऐसा करने पर पेट के कीड़े मर जायेंगे और नवजात को देने पर उसे सभी पेट के कीड़े नही होंगे तथा उसका वजन भी बढेगा |
(किसी भी पशु को पेट के कीड़ो की दवाई एक बार देने के बाद 15 दिन बाद एक बार दोबारा दे और इसके बाद हर तीन से चार माह के बाद पशु को पेट के कीड़ो की दवाई दे|

चरम रोग SKIN DISEASES

 

चरम रोग

1.       पशु की चमड़ी पर किसी भी प्रकार की खाज या खुजली होने पर उसे HITEK बोलस दे| और बीमारी वाली जगह पर HIMAX या SCAVON या KISKIN क्रीम लगाये|

2.       अगर पशु के शारीर पर सफ़ेद या लाल धब्बे दिखाई दे तो कोई भी अच्छी गुणवत्ता का खनिज मिश्रण पशु को खिलाये | BOVIMIN-B Gel या CLOMICU या COCU Bolus पशु को देने से बीमारी से काफी राहत मिलती है|

3.       सामग्री- सत्यानाशी/झ्लझलाई/कटेली (यह एक तरह का पोधा है जो जंगल में कही भी मिल जाएगी)

विधि- इस पोधे को जड़ के साथ उखाड़कर पानी से धो ले अब इस पोधे को कूटकर इसका रस निकल ले और इस अब रस की मात्र से आधा सरसों का तेल मिलाकर इसे आग पर गरम कर ले| जब रस जलकर ख़त्म हो जाये तब इस तेल को ठंडा करके सुबह शाम पशु के शरीर पर लगाये| इससे पशु को आराम मिलेगा|

4.       सामग्री- सत पोदीना 20 ग्राम, सत अजवायन 20 ग्राम, भीमसेनी कपूर 20 ग्राम, नारियल 200 ग्राम

(यह सामग्री बड़े पशु के लिए है आप इसे पशु के साइज़ के हिसाब से कम या ज्यादा कर सकते है| यह आपको पंसारी की दुकान पर मिल जाएगी)

विधि- सभी औषधियों को मिलाकर 2 घंटे के लिए धूप में रख दे | और अब आप इसे किसी भी प्रकार के चरम रोग के लिए पशु की त्वचा पर इस्तेमाल कर सकते है|

(अगर समस्या ज्यादा पुरानी है तो पहले पशु को पेट के कीड़ो की दावा दे फिर आप ये इलाज करे

पेट के कीड़ो के इलाज के लिए आप 200 ग्राम चिरायता व 200 ग्राम पुदीना की पतियों को पीसकर मिला ले और रोजाना पशु को 50ग्राम दे)

 

(बीमारी अधिक प्रभावी हो तो पशु चितिक्सक से संपर्क करे)

घाव का ईलाज WOUND TREATMENT

 

घाव का ईलाज

1.       HIMAX या  COOLMAC या LOREXANE या KISKIN क्रीम मेडिकल स्टोर से लेकर घाव पर लगाये| इससे घाव बहुत ही जल्दी भरेगा|

2.       अगर घाव में कीड़े है तो D-MAG या TOPICURE या ALMIZOL स्प्रे का इस्तेमाल करे|

3.       किसी भी मेडिकल स्टोर से ZINC OXIDE पाउडर 20g लेकर इससे सरसों के तेल में मिलाकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जायेगा|

4.       अर्जुन (पेड़) की छाल को पानी में उबाल ले| अब इस पानी से घाव को अच्छी तरह से धो ले|

और फिर अर्जुन की छाल के पाउडर को घाव पर छिड़क दे| इससे घाव जल्दी ठीक हो जतेगो|

5.       नारियल के छिलके की राख को पशु के घाव पर लगाने से खून बहना बंद हो जाता है|

जले हुए का ईलाज TREATMENT OF BURN

 

जले हुए का इलाज

प्रभावित हिस्से को ठन्डे पानी से (अगर तेजाब या आग से जला है तो) अच्छी तरह से धोये| उसके बाद

1.       किसी भी मेडिकल स्टोर से ZINC OXIDE पाउडर 20g लेकर इससे सरसों के तेल में मिलाकर जले हुए घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जायेगा|

ZINC OXIDE  पाउडर के न मिलने पर COOLMAC या HIMAX या LOREXANE क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है|

2.       सामग्री – मोम 100ग्राम, जायफल 5पीस, रतनजोत 100 ग्राम, तिल का तेल 200 ग्राम.

यह सामग्री आपको पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जायगी|\n

 

विधि - तिल के तेल और मोम को एक बर्तन के डालकर गर्म कर ले| जब दोनों गर्म होकर आपस में मिल जाये तब उसमे जायफल और रतनजोत पीस कर मिला दे| ठंडा होने पर पशु के शरीर के जले हुए हिस्सों पर दिन में 2-3 बार लगाये| ऐसा 4-5 दिन करने पर पशु ठीक हो जायेगा| 

 

(अगर स्थिति गंभीर है तो नजदीकी पशु चितिक्सक से संपर्क करे)

 

बुखार FEVER

बुखार

1.                  ज्वरहारी/दर्दनाशक दवाइयां जैसे MELONEX PLUS या MEGLOC ADVANCE या  ANIP-C BLOUS 2-2 सुबह शाम दो से तीन दिन तक दे|

CFLOX-TZ या NTZ या DO TIME या TERAMICIN बोलस 2-2 सुबह शाम दो से तीन दिन तक दे|

और POWDER RUCHAMAX या HB STRONG या APPETONIC या BIOBOOST (इनमे से कोई भी भूख लगने की दवाई) भी साथ में दे|

2.                  गिलोय की पतियों व् टहनी का काढ़ा पिलाने से पशु को बुखार से राहत मिलती है|

(ऊपर दिया गया उपचार एक बड़े पशु के लिए है)

 

नोट:- आराम न मिलने पर या अगर समस्या अधिक हो तो डॉक्टर से संपर्क करे|


First Aid of थनैला/Mastitis

थनेला

 

1.    पशु का दूध खारा/कड़वा होने या दूध में छिछ्डे आने की रोकथाम 

   पशु के दूध में किसी भी प्रकार का बदलाव महसूस होने पर जैसे की दूघ के स्वाद का बदलना या दूध में छिछ्ड़े आते है तो MAMMIDIUM पाउडर 50g या C MAC पाउडर 60g 3-4  दिन तक लगातार दे|


   पशु के दूध में खून आने का ईलाज 

2.       अगर दूध में खून आ रहा है तो उपर बताये गये पाउडर के साथ STYPLON या ZAKSHOT  बोलस 2-2 सुबह शाम दो से तीन दिन तक इस्तेमाल करे|


    लेवटी/गादी पर सूजन आने पर

3.       अगर गादी/लेवटी पर किसी प्रकार की सूजन है तो WISPREK/HELANT स्प्रे या क्रीम या PSR स्प्रे का इस्तेमाल करे|


     दूध निकालते समय थन में दर्द होने पर

4.       अगर पशु दूध निकलते समय थन में दर्द महसूस करता है तो SERAKIND या MELONEX Z PLUS बोलस का ऊपयोग करे(2-2सुबह शाम 2-3 दिन)



5.       100ml निम्बू का रस और 100g चीनी मिलाकर 2-3 दिन पशु को देने से भी थनेला रोग से रहत मिलती है|

6.       सामग्री-        काली मिर्च 100 ग्राम, खेपरा की छाल 100 ग्राम, काला जीरी 100 ग्राम, साया के बीज 100 ग्राम,चीया घास 100 ग्राम, नोसादर 200 ग्राम, समुद्री झाग 200 ग्राम

(यह सामग्री आपको पंसारी की दुकान पर मिल जाएगी)

विधि-   इन सभी चीजो को पीसकर मिला ले व एक बर्तन के डालकर रख ले|

बीमार पशु को रोजाना 100-150 ग्राम मिश्रण 100-150 ग्राम गुड के साथ मिलाकर सुबह शाम दे|

अगर बीमारी शुरूआती दौर में है तो 2-3 दिन में ठीक हो जाएगी|

और अगर बीमारी पुराणी है तो 8-10 दिन में ठीक हो जाएगी|

 

नोट – अगर इससे पशु को आराम नही मिल रहा तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करे|


दूध बढाने के लिए 'HOW TO INCREASE MILK YIELD

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