थनेला
1. पशु का दूध खारा/कड़वा होने या दूध में छिछ्डे आने की रोकथाम
पशु के दूध में किसी भी प्रकार का बदलाव
महसूस होने पर जैसे की दूघ के स्वाद का बदलना या दूध में
छिछ्ड़े आते है तो MAMMIDIUM पाउडर
50g या C MAC पाउडर 60g
3-4 दिन तक लगातार दे|
पशु के दूध में खून आने का ईलाज
2.
अगर दूध में खून आ रहा है तो उपर बताये
गये पाउडर के साथ STYPLON या
ZAKSHOT बोलस 2-2 सुबह शाम दो
से तीन दिन तक इस्तेमाल करे|
लेवटी/गादी पर सूजन आने पर
3.
अगर गादी/लेवटी पर किसी प्रकार की सूजन है
तो WISPREK/HELANT स्प्रे या
क्रीम या PSR स्प्रे का
इस्तेमाल करे|
दूध निकालते समय थन में दर्द होने पर
4.
अगर पशु दूध निकलते समय थन में दर्द महसूस
करता है तो SERAKIND या MELONEX Z PLUS बोलस
का ऊपयोग करे(2-2सुबह शाम 2-3 दिन)
5.
100ml निम्बू का रस और 100g
चीनी मिलाकर 2-3 दिन पशु को देने से भी थनेला रोग से रहत मिलती
है|
6.
सामग्री- काली मिर्च 100 ग्राम, खेपरा की छाल 100 ग्राम, काला जीरी 100
ग्राम, साया के बीज 100 ग्राम,चीया घास 100 ग्राम, नोसादर 200 ग्राम, समुद्री झाग
200 ग्राम
(यह सामग्री आपको पंसारी की दुकान पर मिल जाएगी)
विधि- इन सभी
चीजो को पीसकर मिला ले व एक बर्तन के डालकर रख ले|
बीमार पशु को रोजाना 100-150 ग्राम मिश्रण 100-150 ग्राम गुड के साथ
मिलाकर सुबह शाम दे|
अगर बीमारी शुरूआती दौर में है तो 2-3 दिन में ठीक हो जाएगी|
और अगर बीमारी पुराणी है तो 8-10 दिन में ठीक हो जाएगी|
नोट
– अगर इससे पशु को आराम नही मिल रहा तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करे|